नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में https://mylesbvphb.tblogz.com/the-2-minute-rule-for-shani-ko-jhukaya-nahi-jaata-52627836